उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में चार भारतीय इंजीनियरों ने रोबोटिक्स के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है। इन इंजीनियरों—संगीत कुमार, प्रतीक जैन, सतीश कुमार शुक्ला और बीर सिंह—ने मिलकर 2016 में ऐडवर्ब टेक्नोलॉजीज की स्थापना की, जो आज भारत में रोबोट निर्माण की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी का लक्ष्य है “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड”, यानी भारत में बने रोबोट को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना।
नोएडा के सेक्टर-156 में स्थित कंपनी का अत्याधुनिक रोबोट निर्माण केंद्र करीब 2.5 एकड़ क्षेत्र में फैला है और यहां हर साल लगभग 50,000 रोबोट बनाने की क्षमता है। इस परिसर में कई प्रकार के रोबोट तैयार किए जाते हैं, जो वेयरहाउस, फैक्ट्री, हेल्थकेयर और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उपयोग किए जा सकते हैं। यहां का उत्पादन काफी हद तक स्वचालित है, जहां कई काम रोबोट ही संभालते हैं और इंजीनियर केवल उनकी निगरानी करते हैं।
कंपनी ने अब तक लगभग 22 प्रकार के रोबोट विकसित किए हैं। इनमें ट्रैकर नाम का रोबोट कुत्ता, सिंक्रो नाम का कोलैबोरेटिव रोबोट (कोबोट) और एलिक्सिस नाम का ह्यूमनॉइड रोबोट खास हैं। ट्रैकर का उपयोग सुरक्षा निगरानी और कठिन इलाकों में निरीक्षण के लिए किया जा सकता है, जबकि सिंक्रो इंसानों के साथ मिलकर फैक्ट्री या लैब में काम करने के लिए बनाया गया है। एलिक्सिस ह्यूमनॉइड रोबोट हेल्थकेयर, रिटेल और वेयरहाउसिंग जैसे कई क्षेत्रों में काम कर सकता है और दोहराए जाने वाले या जोखिम भरे काम संभाल सकता है।
आज ऐडवर्ब के ग्राहक भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई बड़े ब्रांड हैं, जिनमें अमेज़न, फ्लिपकार्ट, आईटीसी, कोका-कोला, पेप्सिको और प्रॉक्टर एंड गैंबल जैसी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी के रोबोट करीब 25 देशों में भेजे जा रहे हैं और आने वाले वर्षों में 100 देशों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
रोबोटिक्स का वैश्विक बाजार तेजी से बढ़ रहा है और भारत की कंपनियां भी इसमें अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। ग्रेटर नोएडा के इन चार इंजीनियरों की पहल इस बात का उदाहरण है कि भारतीय तकनीक और नवाचार दुनिया में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं।





