वेदांता समूह की कंपनी और भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट तेल एवं गैस एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन कंपनी, केयर्न ऑयल एंड गैस, गोवा में 27 से 30 जनवरी 2026 तक होने वाले इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2026 के चौथे एडिशन में भाग लेगी। इसमें कंपनी भारत की अप्रयुक्त हाइड्रोकार्बन क्षमता और घरेलू प्रोडक्शन बढ़ाने की अपनी योजनाओं को प्रदर्शित करेगी।
भारत के प्रमुख एनर्जी एग्ज़िबिशन और कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेते हुए, केयर्न अपनी इंजीनियरिंग क्षमता और इनोवेशन को दिखाएगी, जो भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अगले विकास चरण को आगे बढ़ा रहे हैं। टेक्नोलॉजी-आधारित एक्सप्लोरेशन और डेवलपमेंट, डेटा आधारित संचालन, और एडवांस्ड डिजिटल सॉल्यूशंस पर चर्चा के माध्यम से भारत की विशाल हाइड्रोकार्बन क्षमता को सामने लाने की अपनी रणनीति साझा करेगी।
IEW 2026 में केयर्न तेल और गैस संचालन में अपनाई गई नई तकनीकों और भारत के अपतटीय (ऑफशोर) खोज एवं विकास में किए गए महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग कार्यों को प्रदर्शित करेगी। ये प्रयास माननीय प्रधानमंत्री के ‘समुद्र मंथन’ (राष्ट्रीय डीपवॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन) के विजन के अनुरूप हैं।
कंपनी पूर्वी तट के कृष्णा-गोदावरी डीपवॉटर ब्लॉक में खोज अभियान के लिए उपयोग की गई उन्नत 3D कंट्रोल्ड सोर्स इलेक्ट्रोमैग्नेटिक (CSEM) सर्वे तकनीक का प्रदर्शन करेगी। वहीं पश्चिमी तट पर उथले पानी के विकास के लिए, केयर्न ने हाल ही में भारत का पहला सब-सी टेम्पलेट स्थापित किया है, जिसे केयर्न एरीना में दिखाया जाएगा।
इंडिया एनर्जी वीक में दुनिया भर के ऊर्जा विशेषज्ञ शामिल होते हैं। यह मंच भारत की हाइड्रोकार्बन क्षमता को वैश्विक स्तर पर दिखाने और निवेश, साझेदारी तथा सहयोग के लिए आमंत्रित करने का अवसर प्रदान करता है। इस मंच पर केयर्न भविष्य की तकनीकों और नवाचारों को सामने रखते हुए संभावित साझेदारियों पर भी चर्चा करेगी।
केयर्न डेटा-ड्रिवन रिज़र्वॉयर मैनेजमेंट पर टेक्निकल टॉक्स की एक सीरीज़ होस्ट करेगा, जिसमें डेटा को तेल और गैस उत्पादन में बदलने के नए तरीकों पर चर्चा होगी। इन सत्रों में वेस्टर्न ऑनशोर में जया गैस फील्ड से परफॉर्मेंस की जानकारी – OALP फ्रेमवर्क के तहत चालू किया गया पहला फील्ड; रागेश्वरी डीप गैस में फ्रैक्चरिंग और अन्य डिजिटल पहल जो ऑपरेशनल एक्सीलेंस को बढ़ावा दे रही हैं – पर भी चर्चा की जाएगी।
उत्तर-पूर्व भारत की संस्कृति को दर्शाते हुए, केयर्न असम की महिला कारीगरों को उनके पारंपरिक हथकरघा वस्त्रों के साथ मंच प्रदान करेगी। ‘थ्रेड्स ऑफ असम – वुवन बाय द बाइडेव्स’ पहल के माध्यम से केयर्न ने करीब 5,000 महिला कारीगरों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में सहयोग किया है और उनकी कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
केयर्न ऑयल एंड गैस इंडस्ट्री के लीडर्स, पॉलिसी निर्माताओं और इन्वेस्टर्स का केयर्न एरिना (स्टॉल नंबर 4H12, हॉल 4, ONGC ATI, गोवा) में आमंत्रित करती है, जहां वे देख सकते हैं कि केयर्न किस तरह ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाते हुए ऊर्जा प्रणाली का निर्माण कर रही है।
ऑनशोर और ऑफशोर दोनों क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर केयर्न का निरंतर ध्यान, भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अपने हाइड्रोकार्बन उत्पादन को दोगुना करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
केयर्न ऑयल एंड गैस के बारे में
केयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड का हिस्सा है और भारत की सबसे बड़ी निजी तेल एवं गैस खोज और उत्पादन कंपनी है। कंपनी के भारत में 44 ब्लॉकों में हिस्सेदारी है, जो करीब 47,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हैं। केयर्न के पास 1.4 बिलियन बैरल तेल समकक्ष (bnboe) के प्रमाणित और संभावित भंडार हैं। कंपनी राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात और असम में उत्पादन कर रही है और पिछले तीन दशकों में कई नई तकनीकों को सफलतापूर्वक अपनाया है।
केयर्न का लक्ष्य भारत के घरेलू तेल और गैस उत्पादन में 50% योगदान देना है। इसके लिए कंपनी देश की सबसे बड़ी खोज परियोजनाओं में से एक को आगे बढ़ा रही है, जिसमें टाइट ऑयल एवं गैस, डीप और शैलो वॉटर, डीप गैस और अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।
कंपनी 2030 तक नेट ज़ीरो का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है और पर्यावरण संरक्षण व सामाजिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। केयर्न संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के OGMP 2.0 के तहत ‘गोल्ड स्टैंडर्ड पाथवे’ हासिल करने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी है।





