भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित AI के ‘महाकुंभ’ में ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों के लीडर्स के साथ-साथ दुनियाभर के पॉलिटिकल लीडर्स हिस्सा ले रहे हैं। इसमें एआई और भविष्य की टेक्नोलॉजी के प्रभाव को लेकर दुनियाभर के इंडस्ट्री लीडर्स चर्चा करेंगे। यह ग्लोबल साउथ में होने वाला पहला एआई समिट है। इससे पहले तीन एआई समिट यूके, दक्षिण कोरिया और पेरिस में आयोजित किए गए थे।
बेंगलुरु स्थित एआई इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Bharat1.AI ने वर्ष के अंत तक 10,000 से अधिक एआई शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों को एक साथ लाने के उद्देश्य से “ह्यूमैनिटी-फर्स्ट एआई सिटी” स्थापित करने की योजना की घोषणा की है।
इस पहल के तहत सरजापुर में 5 लाख वर्ग फुट में फैला B1 AI सुपरपार्क विकसित किया जाएगा, जिसमें Indian Institute of Technology Kanpur और Indian Institute of Science जैसे प्रमुख संस्थानों के साथ साझेदारी की जा रही है।
पहले चरण में यूनिवर्सल बेसिक इंटेलिजेंस फ्रेमवर्क विकसित करने और उच्च गुणवत्ता वाले मल्टीमॉडल डेटा के माध्यम से बड़े पैमाने पर एआई मॉडल तैयार करने पर फोकस रहेगा। अगले 36 महीनों में यह परियोजना एक व्यापक “एआई सिटी टेस्टबेड” के रूप में विकसित होगी, जहां विभिन्न संगठन वास्तविक शहरी वातावरण में अपने एआई सिस्टम का परीक्षण कर सकेंगे।
भारत में आयोजित होने वाले एआई समिट में इंक्लुसिव और इम्पैक्टफुल एआई के भविष्य के एजेंडे पर ग्लोबल लीडर्स बात करेंगे। इसे तीन मुख्य पिलर्स People, Planet और Progress में बांटा गया है। एआई समिट को 7 वर्किंग ग्रुप्स के अलावा ग्लोबल नॉर्थ औरग्लोबल साउथ द्वारा को-चेयर किया जाएगा। 5 दिन तक चलने वाले इस समिट में 700 सेशन प्लान किए गए हैं, जिनमें एआई सेफ्टी, गवर्नेंस और इथिकल यूज से लेकर डेटा प्रोटेक्शन को लेकर चर्चाएं की जाएंगी।
पहला AI Summit 2023 में यूके के Bletchley Park में आयोजित किया गया था। इसे AI सेफ्टी समिट का नाम दिया गया था। इसके बाद अगले साल यानी 2024 में दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में AI Summit का आयोजन किया गया था। पिछले साल फरवरी में पेरिस में AI Impact Summit का आयोजन किया गया था।
भारत AI के सेक्टर में तेजी से उभरता हुआ मार्केट है। IndiaAI Mission के लिए सरकार ने 10,372 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया है ताकि भारत में एआई के लिए कंप्रिहेंसिव इकोसिस्टम डेवलप किया जा सके। इसके लिए 38 हजार से ज्यादा GPU ऑर्डर किया जा चुका है, जो 12 से ज्यादा एआई मॉडल्स को ट्रेन करने में इस्तेमाल किए जाएंगे। भारत में एआई टैलेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ी तैयारी की है।





