ईरानी सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाकारी ने कहा कि दुनिया को $200 प्रति बैरल तेल के लिए तैयार रहना चाहिए। उनका कहना है कि तेल की कीमत सीधे क्षेत्रीय सुरक्षा पर निर्भर करती है और अमेरिका-इजराइल के हमलों ने पूरे मध्य-पूर्व को अस्थिर कर दिया है।
Hormuz पर बढ़ा संकट
सबसे बड़ी चिंता Strait of Hormuz को लेकर है। यह दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। युद्ध के चलते इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। कई जहाजों पर हमले भी हुए हैं, जिससे ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
जहाजों पर हमले से बढ़ा तनाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र में अब तक 14 व्यापारिक जहाज हमले का शिकार हो चुके हैं। हाल ही में तीन और जहाजों को निशाना बनाया गया, जिनमें एक थाई जहाज में विस्फोट के बाद आग लग गई। जापान और मार्शल आइलैंड से जुड़े जहाजों को भी नुकसान पहुंचा है। लगातार हो रहे इन हमलों से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति दोनों पर दबाव बढ़ रहा है।
बाजार में फिलहाल राहत
युद्ध की शुरुआत में कच्चे तेल की कीमत लगभग $120 प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। हालांकि फिलहाल कीमतें करीब $90 के आसपास बनी हुई हैं।
बाजार फिलहाल इस उम्मीद पर टिका है कि अमेरिका जल्द किसी समझौते के जरिए संघर्ष को खत्म कर सकता है। लेकिन अगर Hormuz में बाधा लंबे समय तक बनी रहती है तो तेल बाजार में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
वैश्विक स्तर पर आपात तैयारी
संभावित ऊर्जा संकट को देखते हुए International Energy Agency (IEA) भी सक्रिय हो गई है। एजेंसी वैश्विक रणनीतिक भंडार से करीब 40 करोड़ बैरल तेल रिलीज करने की सिफारिश कर सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह मात्रा भी Hormuz से गुजरने वाली सप्लाई के मुकाबले सिर्फ कुछ हफ्तों की राहत ही दे पाएगी।





