तेहरान: ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अब अमेरिका एक नए और बेहद खतरनाक सैन्य चरण की तैयारी करता दिख रहा है. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान के अंदर सीमित जमीनी ऑपरेशन यानी ग्राउंड अटैक की योजना बना रहा है. इन ऑपरेशनों का फोकस खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ईरान के सबसे अहम तेल केंद्र खर्ग द्वीप पर रहेगा. यह कोई पूर्ण युद्ध या बड़े पैमाने पर हमला नहीं होगा, बल्कि छोटे लेकिन बेहद सटीक और प्रभावी सैन्य ऑपरेशन होंगे.
इनमें स्पेशल फोर्सेस और चुनिंदा सैनिकों को इस्तेमाल में लिया जाएगा, जो तेजी से हमला कर ईरान की रणनीतिक ताकत को कमजोर करने की कोशिश करेंगे.
क्यों निशाने पर है होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ईरान-अमेरिका जंग के कारण यह रास्ता बाधित है. इसी वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ईरान के उन हथियार सिस्टम्स को निशाना बनाना चाहता है, जो होर्मुज के आसपास तैनात हैं और जहाजों को खतरा पहुंचा सकते हैं. अगर इन सिस्टम्स को नष्ट किया जाता है, तो अमेरिका इस अहम जलमार्ग को फिर से खोलने की कोशिश करेगा. यही कारण है कि USS त्रिपोली सैकड़ों सैनिकों के साथ खाड़ी में पहुंच गया|
होर्मुज खोलना अमेरिका के लिए कितना आसान?
अमेरिका का यह प्लान सुनने में बहुत आसान लगता है, लेकिन जमीन पर इसे अंजाम देना बेहद जोखिम भरा है. खर्ग द्वीप ईरान के बेहद करीब है, जिससे वहां मौजूद अमेरिकी सैनिकों पर लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले का खतरा बना रहेगा. इसी वजह से अमेरिकी सैन्य योजनाकार लंबे समय तक कब्जा करने के बजाय छोटे और तेज ऑपरेशन पर फोकस कर रहे हैं. यानी हमला करो, नुकसान पहुंचाओ और तुरंत वापस निकल जाओ.





