नीतीश कुमार कमजोर मुख्यमंत्री, उम्र बढ़ने के साथ बीमारी भी बढ़ती है: तेजस्वी यादव

नीतीश कुमार कमजोर मुख्यमंत्री, उम्र बढ़ने के साथ बीमारी भी बढ़ती है: तेजस्वी यादव

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बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने नीतीश कुमार को कमजोर मुख्यमंत्री तक बता दिया। 

राजद नेता तेजस्वी यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा , “बिहार में लगातार अपराध की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। खासकर छोटी बच्चियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म की कई घटनाएं हो रही हैं। नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का मामला ठंडा ही नहीं हुआ कि दरभंगा में बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया। कई जिलों से मामले सामने आए हैं।” 

उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन सभी मामलों को लेकर राजद सरकार से सवाल कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने इस सवाल को सदन में भी उठाया। सरकार इन प्रश्नों का जवाब देने के बजाय जिस तरह की भाषा का उपयोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया, वह सही नहीं है। ऐसी भाषा देखकर लोगों का मन और बढ़ता है। राजद के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि घटनाओं को रोकने और जवाब देने के बजाय सरकार को इस तरह की बातें करना किसी मुख्यमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति के लिए सही है। 

पूर्व महिला मुख्यमंत्री के लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सेहत और उम्र को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की उम्र बढ़ रही है और उम्र बढ़ने के साथ बीमारी आती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले विदेश जाकर इलाज करा चुके हैं। 

उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में मुख्यमंत्री का माइक बंद कर दिया जा रहा है। इससे पहले राजद नेता तेजस्वी यादव ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर भी लिखा था, “डिमेंशिया और अल्जाइमर का दुष्प्रभाव जब बढ़ता है तो व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त अवस्था में चला जाता है, जहां आप सहानुभूतिपूर्वक रोगी के मानसिक स्वास्थ्य लाभ की कामना ही कर सकते हैं। प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री को ‘लड़की’ कहने तथा महिलाओं के प्रति अपनी संकीर्ण, नकारात्मक और दोषपूर्ण सोच का बारंबार प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री को आप क्या कहेंगे?” 

उन्होंने आगे लिखा कि मुख्यमंत्री की इसी मानसिकता के कारण ही प्रतिदिन बिहार की सैंकड़ों बच्चियों, छात्राओं और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को प्रोत्साहन मिलता है।

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