नवरात्र बाद उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में बड़े बदलाव होंगे। उसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार भी जल्द हो सकता है। इसके लिए पार्टी, सरकार और संघ ने मंथन तेज कर दिया है। इसके साथ ही अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव सहित कई मुद्दों पर शुक्रवार को बैठकों का लंबा दौर चला। मुख्यमंत्री आवास पर दो चरणों में समन्वय बैठक हुई।
उससे पहले विश्व संवाद केंद्र पर संघ और भाजपा पदाधिकारियों ने बैठक की।
दिसंबर में प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही पंकज चौधरी लगातार प्रदेश संगठन तैयार करने में जुटे हैं।सभी जिलाध्यक्षों के बाद जिला कार्यकारिणी को लेकर वह प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल के साथ बैठकें कर रहे हैं। पश्चिम और ब्रज क्षेत्र की कार्यकारिणी फाइनल करने को लेकर वह पहले ही बैठकें कर चुके हैं। बाकी क्षेत्रों की कार्यकारिणी भी इसी हफ्ते फाइनल होने की उम्मीद है। प्रदेश कार्यकारिणी को भी अंतिम रूप देने के लिए मंथन किया जा रहा है।
चुनौतियों के समाधान पर चर्चा
वर्तमान की चुनौतियों खासकर पार्टी के अंदर जातीय द्वंद्व का हल निकालने पर मंथन किया गया। इसी संदर्भ में यूजीसी, शंकराचार्य और पार्टी नेताओं की जातीय बैठको का मुद्दा भी आया। इन मुद्दों पर जल्द समाधान निकालने और एक स्पष्ट दिशा तैयार करने पर चर्चा हुई।
विधानसभा क्षेत्र में संघ की नजर
बैठक में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव तैयारियों पर भी मंथन किया गया। इसके लिए संघ और भाजपा के विभिन्न अभियानों को सक्रियता से चलाने पर जोर दिया गया। विभिन्न आयोजनों के जरिए चुनाव प्रचार को रफ्तार देने की बात भी हुई। साथ ही सभी विधानसभाओ में अभी से भाजपा के साथ ही सघ के पदाधिकारियों की तैनाती पर राय बनी ताकि व्यापक तौर पर समन्वय के साथ घर-घर तक वोटरों पर पकड़ बनाई जा सके।





