अहमदाबाद में पुलिस ने एक बड़े नकली नोटों के रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए करोड़ों रुपये की फर्जी करेंसी बरामद की है। इस कार्रवाई में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल थे। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोट तैयार करता था, जिन्हें असली नोटों से अलग पहचानना आम लोगों के लिए काफी मुश्किल था।
जांच एजेंसियों को इस रैकेट की जानकारी गुप्त सूचना के आधार पर मिली थी, जिसके बाद विशेष टीम गठित कर निगरानी शुरू की गई। पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से बड़ी मात्रा में नकली नोट, प्रिंटिंग मशीनें, विशेष कागज और अन्य उपकरण बरामद किए गए। अधिकारियों का कहना है कि बरामद नकली नोटों की कुल कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि अन्य राज्यों में भी फर्जी नोटों की सप्लाई करता था। आरोपी इन नोटों को बाजार में खपाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते थे, जैसे छोटे व्यापारियों को निशाना बनाना या भीड़भाड़ वाले इलाकों में लेनदेन करना, ताकि आसानी से पकड़े न जा सकें।
पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों और इसके पीछे मौजूद बड़े गिरोह का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि इस रैकेट के तार अंतरराज्यीय स्तर तक जुड़े हो सकते हैं, इसलिए अन्य एजेंसियों के साथ भी समन्वय किया जा रहा है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नकदी लेनदेन करते समय सतर्क रहें और संदिग्ध नोट मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस कार्रवाई को आर्थिक अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे नकली करेंसी के प्रसार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।





