ईरान युद्ध के बीच सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्थिति चुनौतीपूर्ण है और भारत को लंबे वक्त के गंभीर नतीजों के लिए तैयार रहना होगा. लोकसभा में उन्होंने कहा कि वह पश्चिमी एशिया की स्थिति के बारे में बताने और भारत जिन मुश्किलों से जूझ रहा है, उस बारे में बताने आए हैं.
उन्होंने कहा कि जंग की वजह से लोगों की जिंदगी पर बुरा असर पड़ रहा है.पीएम मोदी ने कहा कि जिस क्षेत्र में जंग हो रही है, वह दुनिया से भारत की कनेक्टिविटी के साथ-साथ गैस और क्रूड ऑयल की सप्लाई का भी मुख्य रास्ता है.
पश्चिम एशिया संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस युद्ध से दुनिया में जो मुश्किल हालात बने हैं, उनका असर लंबे समय तक रहने की संभावना है, इसलिए हमें तैयार रहना चाहिए और एकजुट रहना चाहिए। हमने COVID के समय में एकता के साथ ऐसी चुनौतियों का सामना किया है और अब हमें फिर से तैयार रहने की ज़रूरत है…”
पीएम मोदी ने कहा,’इस संघर्ष के कारण दुनिया भर में पैदा हुई इन मुश्किल परिस्थितियों का असर लंबे समय तक रहने की उम्मीद है. इसलिए, हमें तैयार रहना होगा, हमें एकजुट रहना होगा. कोविड महामारी के दौरान भी हम एकजुट रहे थे और ऐसी परिस्थितियों का सामना किया था. ठीक उसी तरह, इस बार भी हमें तैयार रहना होगा. हमें हर चुनौती का सामना धैर्य और दृढ़ता के साथ करना होगा. यही हमारी पहचान है, यही हमारी ताकत है. PM मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि कुछ तत्व मौजूदा हालात का गलत फायदा उठाने की कोशिश करेंगे.
‘गलत तत्व करते हैं फायदा उठाने की कोशिश’
पीएम ने कहा, ‘जब इस तरह के संकट आते हैं, तो कुछ तत्व गलत फायदा उठाने की कोशिश भी करते हैं. इसलिए, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है. चाहे वह तटीय सुरक्षा हो, सीमा सुरक्षा हो, साइबर सुरक्षा हो, या रणनीतिक ठिकाने हों, सभी की सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है. अगर देश की हर सरकार और हर नागरिक मिलकर आगे बढ़े, तो हम हर चुनौती पर काबू पा सकते हैं.’ उन्होंने राज्य सरकारों से भी आग्रह किया कि वे सतर्क रहें और उन लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करें जो झूठी खबरें फैला रहे हैं, और साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी में लिप्त हैं.
‘भारत बड़ी चुनौतियों का कर रहा सामना’
पश्चिम एशिया संकट के लंबे समय तक चलने वाले व्यापारिक और आर्थिक नतीजों पर पीएम मोदी ने माना कि भारत इस समय बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है.
उन्होंने कहा, ‘पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति चिंताजनक है. पिछले कुछ दिनों में, विदेश मंत्री जयशंकर और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सदन को इस मुद्दे के बारे में जानकारी दी. अब, यह संकट तीन हफ्ते से भी ज्यादा समय से जारी है. इसका प्रतिकूल प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर महसूस किया जा रहा है. इसलिए, पूरी दुनिया सभी पक्षों से इस संकट का जल्द से जल्द समाधान खोजने का अनुरोध कर रही है.’ उन्होंने पश्चिम एशिया में तनाव के कारण भारत के सामने आने वाली बहुआयामी चुनौतियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा,’इस संघर्ष ने भारत के लिए कुछ अप्रत्याशित चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं. ये चुनौतियां आर्थिक हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित हैं, और मानवीय हैं. पीएम ने कहा, ‘भारत के उन देशों के साथ व्यापक व्यापारिक संबंध हैं जो युद्ध में शामिल हैं और जो इससे प्रभावित हुए हैं.’





