अहमदाबाद: गुजरात में स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के तहत बने अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे (NE-1) को चौड़ा किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने गुजरात में अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे (NE-1) को छह लेन करने का फैसला किया है। एनएचएआई ने इसके लिए जरूरी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाने को टेंडर जारी किया है। इस एक्सप्रेसवे में अभी हर तरफ दो लेन के साथ एक सर्विस लेन है।
अभी यह एक्सप्रेसवे गुजरात के सबसे अच्छे राजमार्गों में शामिल हैं। इसके एक बड़े हिस्से ही रिपेयरिंग चल रही है। एक्सप्रेसवे के चौड़ा होने से 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले इसकी क्षमता बढ़ जाएगी। जिसका फायदा आयोजन के दौरान जरूरी ट्रांसपोर्ट में मिल सकेगा।
क्या है NHAI की तैयारी?
यह भारत का पहला 4-लेन एक्सप्रेसवे था। पिछले दो दशकों में तेज़ी से शहरीकरण, इंडस्ट्रियल ग्रोथ, आबादी में बढ़ोतरी और लॉजिस्टिक्स एक्टिविटी बढ़ने से गाड़ियों का बोझ बढ़ा है। एक अनुमान के अनुसार इस एक्सप्रेसवे अभी प्रतिदिन 51,000 गाड़ियां फर्राटा भरती हैं। यह एक्सप्रेसवे मुंबई से दिल्ली के बीच बन रहे NE-4 को क्रॉस करता है। ऐसे में यह अहमदाबाद को इन नए एक्सप्रेसवे से कनेक्ट करता है। दो लेन की बढ़ोतरी होने पर ट्रैफिक जाम में कमी आएगी। इसकी क्षमता भी बढ़ जाएगी। इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 93.302 किलोमीटर है। मौजदा एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ 50 मीटर जमीन एनएनएआई क पास है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ेगी। एनएचएआई ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि इससे भीड़ कम होगी, सड़क सुरक्षा बढ़ेगी। इनता ही नहीं अहमदाबाद, वडोदरा और आगे मुंबई की ओर आना-जाना आसान होगा।





