नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एलपीजी गैस की भारी किल्लत के कारण हाहाकार मच गया है। गैस की आपूर्ति बाधित होने से खासकर मजदूर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के सामने रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। बाजार में छोटे 5 किलो वाले गैस सिलेंडरों की भारी कालाबाजारी शुरू हो गई है और रीफिलिंग के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही है।
400 रुपये प्रति किलो तक वसूली
स्थानीय लोगों के अनुसार पहले 5 किलो वाले सिलेंडर की रीफिलिंग के लिए 100 से 150 रुपये प्रति किलो तक खर्च करना पड़ता था। लेकिन अब बिचौलिए इसे 300 से 400 रुपये प्रति किलो तक के दाम पर बेच रहे हैं। सेक्टर बीटा-1 में रहने वाले मजदूर बिहारी लाल ने बताया कि दुकानदार गैस की कमी का हवाला देकर मनमाने दाम वसूल रहे हैं। महंगाई के कारण कई गरीब परिवारों के सामने खाना बनाने तक का संकट खड़ा हो गया है।
छोटे होटल और फूड स्टॉल पर संकट
कमर्शियल गैस की बुकिंग बंद होने से छोटे होटल, ढाबे और फास्ट फूड स्टॉल संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फुटपाथ पर चाय-नाश्ता और फास्ट फूड बेचने वाले दुकानदारों का कहना है कि गैस एजेंसियां सिलेंडर नहीं दे रही हैं। मजबूरी में कई लोग घरेलू गैस सिलेंडर ब्लैक में दोगुने दाम पर खरीदकर काम चला रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो हजारों छोटे फूड स्टॉल और होटल बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे।
गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें
शहर की लगभग सभी गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। सबसे ज्यादा भीड़ सेक्टर-54 की गैस एजेंसी पर देखने को मिली, जहां स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा। इसी तरह के हालात सेक्टर-20 और सेक्टर-73 की गैस एजेंसियों पर भी देखने को मिले। कई जगहों पर डिलीवरी वाहन पहुंचते ही लोगों ने सिलेंडर के लिए उसे घेर लिया।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
लोगों और कारोबारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कमर्शियल गैस की आपूर्ति जल्द बहाल की जाए और गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि एक तरफ गैस की भारी कमी है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग आपदा में अवसर तलाश कर कालाबाजारी से मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।





