अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अध्यक्ष जय शाह ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले हुए विवाद पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है. जय शाह ने कहा है कि कोई भी देश या टीम ICC से बड़ा नहीं. आईसीसी सभी सदस्य टीमों के सामूहिक प्रयास से चलता है. एक अवॉर्ड समारोह में जय शाह ने कहा, ‘वर्ल्ड कप से पहले काफी अटकलें लगाई जा रही थीं कि कुछ टीमें हिस्सा लेंगी या नहीं.’
आईसीसी अध्यक्ष के तौर पर मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि कोई भी टीम संगठन से बड़ी नहीं होती. कोई एक टीम मिलकर संगठन नहीं बनाती, बल्कि सभी टीमों के साथ मिलकर ही संगठन चलता है.’ जय शाह ने बताया कि इस टी20 वर्ल्ड कप ने दर्शकों के मामले में इतिहास रच दिया. कुल व्यूअरशिप के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए. एसोसिएट टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया.
यूएसए ने भारत को, नीदरलैंड ने पाकिस्तान को और नेपाल ने इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दी. जिम्बाब्वे जैसी छोटी टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया. आईसीसी अध्यक्ष ने भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव को भविष्य के लिए लगातार मेहनत करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि टीम को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक सहित आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करनी चाहिए.
कोई भी देश ICC से बड़ा नहीं
टी20 वर्ल्ड कप से पहले विवाद तब शुरू हुआ था, जब बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने भारत आने से इनकार कर दिया था. इसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया था. पाकिस्तान ने इसके बाद बांग्लादेश के समर्थन में वर्ल्ड कप के बहिष्कार की धमकी दी थी.
बहिष्कार को लेकर हुआ था विवाद
पाकिस्तान का कहना था कि आईसीसी बांग्लादेश के साथ गलत व्यवहार कर रही है. पाकिस्तान ने पहले पूरे टूर्नामेंट के बहिष्कार की बात कही, फिर भारत के साथ ग्रुप स्टेज का मुकाबला न खेलने की बात कही. आईसीसी की मध्यस्थता और बांग्लादेश पर किसी तरह का बैन न लगाए जाने के वादे के बाद पाकिस्तान ने यू-टर्न ले लिया और भारत के खिलाफ मैच खेला. पाकिस्तान सुपर-8 से आगे नहीं बढ़ सकी, जबकि भारतीय टीम ने लगातार दूसरा टी20 वर्ल्ड कप जीता.





